एमएलसी विजय बहादुर पाठक और सीडीओ ने किया उद्घाटन, लाइव कारखाना व पॉटरी पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र!
संवाददाता -धीरज वर्मा
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की ओर से आयोजित सात दिवसीय आजमगढ़ माटीकला महोत्सव का सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क में भव्य शुभारंभ हुआ। विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक और मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर देशभूषण कंडारकर ने महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को टूलकिट और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं, अग्रसेन चौराहे पर मिट्टी के दीप जलाकर दीपोत्सव की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला को बढ़ावा देना और स्थानीय कुम्हारों व शिल्पकारों को उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना है। ऐसे आयोजन कारीगरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।
महोत्सव में लाइव कारखाना लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। यहां कारीगरों ने चाक पर मिट्टी के बर्तन और कलात्मक वस्तुएं बनाकर दिखाईं। आगंतुकों को भी स्वयं बर्तन बनाने का अवसर मिला। पॉटरी पेंटिंग कॉर्नर पर बच्चों और युवाओं ने मिट्टी के बर्तनों व कलाकृतियों में रंग भरकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाई।
अग्रसेन चौराहे पर आयोजित दीपोत्सव में जनप्रतिनिधियों, जनपदवासियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने मिट्टी के दीप प्रज्ज्वलित किए। इसका उद्देश्य दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने का संदेश देना रहा।
प्रदर्शनी में लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं, हाथी-घोड़े की मूर्तियां, झूमर, पानी के पात्र, थाली, गिलास, आकर्षक डिजाइन के दीप और मिट्टी से बनी ज्वेलरी सहित विभिन्न उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने लोगों से महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय शिल्पकारों के उत्पाद खरीदने की अपील की। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी दीपक मिश्रा और जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने भी स्वदेशी उत्पाद अपनाकर कारीगरों की आजीविका मजबूत करने का आह्वान किया।
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