सड़क न होने से गर्भवती महिला को डोली में बिठाकर ले जाना पड़ा अस्पताल!
स्थानीय लोग बोले—डिलीवरी व गंभीर मरीजों को आज भी डोली ही बनती है जीवन-रेखा!
चित्रकूट : नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15 के ग्राम थर पहाड़ में बुनियादी सुविधाओं की कमी ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी। गाँव की रहने वाली गर्भवती महिला जानकी सिंह गोड, पत्नी यज्ञ प्रसाद सिंह, को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल ले जाने की स्थिति उत्पन्न हुई, लेकिन गाँव से मुख्य मार्ग तक सड़क न होने के कारण परिजनों के पास कोई विकल्प नहीं था—न एंबुलेंस पहुँच सकती थी, न कोई वाहन। अंततः प्रसव पीड़ा से तड़पती जानकी को डोली में बिठाकर ऊबड़-खाबड़, पथरीले और कठिन रास्तों से परिजनों व ग्रामीणों ने कई किलोमीटर तक पैदल चलकर उस जगह पहुँचाया, जहाँ एंबुलेंस खड़ी हो सकती थी।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह कोई नई घटना नहीं है। सड़क सुविधा के अभाव में थर पहाड़ और आसपास के कई गांवों में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आज भी उसी तरह डोली का सहारा लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग लंबित है, लेकिन लोगों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले। सड़क न होने से न सिर्फ गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि यह क्षेत्र विकास की मूलभूत जरूरतों से भी कोसों दूर रह जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द इस मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी को भी अपनी जान बचाने के लिए इस तरह की दर्दनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
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