170 मरीजों का हुआ नेत्र परीक्षण, 95 को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयन!
कुलपति प्रो. संजीव कुमार बोले—निःस्वार्थ सेवा ही शिक्षित समाज का मूल उद्देश्य!
आजमगढ़ : अघोराचार्य बाबा कीनाराम शोध एवं सेवा संस्थान, क्रीं कुण्ड, शिवाला वाराणसी की सदर शाखा आजमगढ़ द्वारा आर जे शंकरा आई हॉस्पिटल वाराणसी के तत्वावधान में राम नारायण बालिका इंटर कॉलेज, मधुबन गुरेहथा में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। पीठाधीश्वर महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में कुल 170 मरीजों की आंखों की जांच की गई, जिसमें से 95 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित कर वाराणसी इलाज हेतु पंजीकृत किया गया। चयनित मरीजों के आने-जाने, रहने और भोजन की समस्त व्यवस्था निःशुल्क रहेगी।शिविर का उद्घाटन सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने फीता काटकर किया। दीप प्रज्ज्वलन और गुरु पूजन के उपरांत सर्वेश्वरी समूह के पूर्व मंत्री स्वर्गीय उदयभान सिंह नन्दी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि सनातन संस्कृति का मूल आधार परोपकार है और मानवमात्र की निःस्वार्थ सेवा ही शिक्षा व शिक्षित समाज का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने अघोरपीठ क्रीं कुण्ड वाराणसी एवं सर्वेश्वरी समूह द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना की।विभाग प्रचारक दीनानाथ ने ऐसे शिविरों को वंचित वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ गैर-सरकारी संस्थाओं की यह पहल कल्याणकारी राज्य की भावना को सुदृढ़ करती है। गरुण होटल के प्रबंध निदेशक एवं इंटर कॉलेज के प्रबंधक बिजेन्द्र सिंह ने इसे समाज के पढ़े-लिखे वर्ग का नैतिक दायित्व बताया। कार्यक्रम का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ. पंकज सिंह एवं हुनर संस्था के रंगकर्मी सुनील विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रवेश कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, सूर्यनाथ सिंह, मेजर अशोक सिंह, अरुण सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग एवं शिविर कार्यकर्ता सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
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