छात्र आंदोलन से डरी सरकार, सपा छात्र नेताओं की गिरफ्तारी पर सियासी उबाल!

प्रयागराज छात्र आंदोलन से पहले आजमगढ़ में सपा छात्र नेताओं की गिरफ्तारी! 
 लोक सेवा आयोग पर उठे सवाल, छात्रों के आंदोलन को सपा का नैतिक समर्थन! 
आजमगढ़ : प्रयागराज जनपद में 15 दिसंबर को प्रस्तावित छात्र आंदोलन से सरकार के दबाव में होने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इसी क्रम में आजमगढ़ में समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष कुणाल मौर्य, आशुतोष चौधरी समेत कई छात्र नेताओं को कोतवाली पुलिस ने सुबह उनके घरों से गिरफ्तार कर कोतवाली ले आई। जैसे ही इसकी सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से फैली, समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचने लगे।
कोतवाली पहुंचे सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रशासन से वार्ता की, जबकि जिलाध्यक्ष हवलदार यादव और जिला उपाध्यक्ष विवेक सिंह समर्थकों के साथ मौके पर मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अब “तमाशा आयोग” बन गया है—भर्तियां समय से नहीं निकल रहीं, जो निकलती हैं उनके पेपर लीक हो जाते हैं और जिनकी परीक्षाएं हो जाती हैं, उनके परिणाम वर्षों तक घोषित नहीं होते। उन्होंने कहा कि चार साल पहले भरे गए फॉर्म की परीक्षाएं तक नहीं हो सकीं, जिससे प्रयागराज में तैयारी कर रहे छात्रों का धैर्य टूट चुका है। इसी कारण छात्रों ने लोक सेवा आयोग के घेराव का निर्णय लिया है, जिसे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का समर्थन प्राप्त है।
जिला उपाध्यक्ष विवेक सिंह ने कहा कि छात्र आंदोलनों ने हमेशा सरकारों को आईना दिखाया है, लेकिन यह पहली सरकार है जो छात्र आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। छात्र अपने संवैधानिक हक की मांग कर रहे हैं, जिसे सरकार देना नहीं चाहती। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी प्रयागराज में होने वाले छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण नैतिक समर्थन देती है और किसी भी तरह के दमन से डरने वाली नहीं है।

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