संवाददाता -राकेश गौतम
आज़मगढ़। थाना देवगाँव क्षेत्र में 22 वर्षीय दिशा मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से न्याय की मांग तेज कर दी है। मृतका के पिता सुरेन्द्र मिश्रा ने मंगल वार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा जिलाधिकारी आज़मगढ़ को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। पीड़ित पिता के अनुसार आपको बता दे की सुरेन्द्र मिश्रा निवासी ग्राम नन्दाव, थाना सरायमीर की इकलौती बेटी दिशा मिश्रा की 19 अक्टूबर 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई थी। पीड़ित पिता का आरोप है कि दहेज के लिए उनकी पुत्री की हत्या की गई। मामले में थाना देवगाँव में मुकदमा संख्या 386/2025 धारा 498A, 304B, 3/4 दहेज उत्पीड़न अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित ने बताया कि कुल 11 नामजद अभियुक्तों में से अब तक केवल दो– अमित पाण्डेय और घनश्याम पाण्डेय– को ही गिरफ्तार किया गया है। विवेचना के दौरान राधेश्याम पाण्डेय और छत्रा पाण्डेय को स्थगन आदेश (स्टे) मिला है, जबकि शेष 7 आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित को लगातार जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। सुरेन्द्र मिश्रा द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, बेटी का शव घर के बाहर तख्त पर मिला था और पोस्टमार्टम में गले पर निशान पाए गए हैं, जो स्पष्ट रूप से हत्या की ओर इशारा करते हैं। परिजनों का आरोप है कि विवेचक लगातार मामले को आत्महत्या की दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं और पीड़ित परिवार के साथ सही व्यवहार भी नहीं कर रहे। यहां तक कि पीड़ित का मोबाइल नंबर भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
घटना के 47 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस द्वारा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों में गहरा आक्रोश है। पीड़ित पिता ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर एसएसपी से निष्पक्ष जांच कराने और सभी फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
पीड़ित की मांग है कि शेष 7 नामजद अभियुक्तों की तुरंत गिरफ्तारी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच विवेचक बदलने की मांग (अप्रत्यक्ष आरोप) पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराना ज्ञापन के साथ परिवार ने एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतियाँ भी प्रशासन को सौंपी हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक वे संघर्ष जारी रखेंगे। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मामले की जांच पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी।
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