संवाददाता -अमित
आजमगढ़ : जिलाधिकारी कार्यालय पर न्याय की गुहार लगाने पहुंचे हैदर अली पुत्र नाजीमुद्दीन, निवासी ग्राम बसही इकबलापुर (झुकबलापुर), पोस्ट देवगांव, तहसील व ब्लॉक लालगंज, जनपद आजमगढ़ ने ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम पंचायत बसही इकबलापुर के ग्राम प्रधान साल्हीन पुत्र सुफियान पिछले करीब 15 वर्षों से प्रधान पद पर काबिज हैं और अपने दबदबे के बल पर ग्राम पंचायत में मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत गरीबों के जॉब कार्ड नहीं बनाए गए, जबकि संपन्न लोगों के जॉब कार्ड बनवाकर बिना काम कराए भुगतान कराया गया। कार्य जेसीबी मशीन से कराए जाते हैं और मजदूरी की राशि खातों में भेजकर प्रधान द्वारा नाममात्र का पैसा देकर शेष रकम ले ली जाती है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि अमृत सरोवर योजना के तहत करीब 18 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया, लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसी तरह पोखरी खुदाई, खड़जा निर्माण, इस्लामिया प्राथमिक पाठशाला सहित कई कार्यों में भारी धांधली की गई। ग्राम प्रधान पर 132 लैंड की भूमि पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप लगाया गया है। पशुपालकों को पशु शेड नहीं दिए गए, जबकि जिनके पास पशु ही नहीं हैं उन्हें पशु शेड आवंटित कर दिए गए।
इसके अलावा ग्राम पंचायत का सामुदायिक शौचालय हमेशा बंद रहता है, कूड़ा घर निष्प्रयोज्य पड़ा है और कूड़ा ढोने वाली गाड़ी ग्राम प्रधान के दरवाजे पर खड़ी रहती है, जिससे गांव में गंदगी फैली हुई है। नालियां कचरे से भरी हैं, सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विकसित भारत योजना के अंतर्गत कई इंडिया मार्का हैंडपंप बंद पड़े हैं, जबकि रिबोर दिखाकर भुगतान करा लिया गया। ग्राम पंचायत का मिनी सचिवालय भी हमेशा बंद रहता है। मच्छरों से बचाव के लिए कभी दवा का छिड़काव नहीं कराया जाता, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
पीड़ित हैदर अली ने बताया कि उन्होंने साक्ष्यों के साथ कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की किसी सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी विधिक कार्रवाई की जाए।
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