आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई, अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट का भंडाफोड़, चीनी हैंडलरों से जुड़े 02 मास्टरमाइंड गिरफ्तार!

अभियुक्तों के पास से नकदी व डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए।
आजमगढ़ : साइबर थाना पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर हैंडलरों के संपर्क में रहकर देशभर में साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹6.32 लाख नकद, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक, पासबुक, विदेशी सिम कार्ड, कैश काउंटिंग मशीन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि अभियुक्त फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन टास्क के नाम पर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर ठगी करते थे। पीड़ितों से ठगी गई रकम पहले भारतीय बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, फिर एटीएम और चेक के जरिए नकद निकालकर उसे USDT क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया जाता था। इसके बाद यह रकम सीधे चीनी साइबर हैंडलरों को भेज दी जाती थी! 
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य संचालक अभिषेक गुप्ता अब तक करीब 10 से 15 करोड़ रुपये की राशि क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेज चुका है। गिरोह खाताधारकों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करता था और अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल नंबर, फर्जी सिम और टेलीग्राम ग्रुप का इस्तेमाल करता था।
इससे पहले भी इसी मामले में चार अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ताजा गिरफ्तारी लखनऊ के गोमतीनगर और जानकीपुरम क्षेत्र से की गई। बरामद डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और टेलीग्राम चैट के आधार पर पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और विदेशी नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर मिले लालचपूर्ण ऑफर से सावधान रहें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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