सगड़ी विधानसभा में 2027 की सियासी जंग शुरू, पांच दावेदार चर्चाओं में; समाजवादी पार्टी से एच.एन. पटेल, प्रदीप सहाय और इंजीनियर सुनील यादव सक्रिय, जबकि भाजपा से वंदना सिंह और बहुजन समाज पार्टी के शंकर यादव भी दावेदारी में।
यादव, ओबीसी और मुस्लिम समाज में गहरी पकड़ रखने वाले शंकर यादव की शामिलगी चुनावी समीकरण बदल सकती है, जबकि सपा के तीन दावेदार टिकट की दौड़ में आगे हैं।
आजमगढ़। सगड़ी विधानसभा सीट को लेकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। क्षेत्र में अब पांच प्रमुख दावेदार सामने आ रहे हैं। इनमें से तीन दावेदार समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, जबकि एक दावेदार भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा है, और एक बहुजन समाज पार्टी से। सबसे पहले नाम वर्तमान विधायक एच.एन. पटेल का है, जो समाजवादी पार्टी से सगड़ी विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विधायक होने के नाते उनकी सक्रियता और संगठनात्मक अनुभव को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है, और समर्थक उन्हें एक बार फिर टिकट का प्रबल दावेदार मान रहे हैं।
दूसरे प्रमुख नाम वंदना सिंह का है। वह वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और पूर्व में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर सगड़ी विधानसभा से विधायक रह चुकी हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय पहचान को देखते हुए भाजपा उन्हें संभावित प्रत्याशी के रूप में देख रही है।
तीसरे दावेदार के रूप में प्रदीप सहाय का नाम तेजी से चर्चा में है। बिजनेसमैन और समाजसेवी प्रदीप सहाय दलित समाज से आते हैं और दलित, यादव व ओबीसी समाज में उनकी मजबूत पकड़ बताई जाती है। सामाजिक कार्यों और सोशल मीडिया पर सक्रियता के कारण वे युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं। कहा जा रहा है कि वे समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
चौथे नाम इंजीनियर सुनील यादव का है। समाजवादी पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है और पार्टी के अंदरूनी समीकरणों में उनका नाम गंभीरता से लिया जा रहा है, जिससे टिकट की दौड़ और रोचक हो गई है।
पांचवें और सबसे चर्चित दावेदार के रूप में बहुजन समाज पार्टी के पूर्व प्रत्याशी शंकर यादव का नाम शामिल है। यादव समाज, तमाम ओबीसी और मुस्लिम समाज में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। यदि उन्हें बहुजन समाज पार्टी से टिकट मिलता है तो नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं। उनके पास पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं के साथ लंबा अनुभव भी है और वे पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। 9 अक्टूबर 2024 को उनका एक बयान भी वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि “यादव समाज समाजवादी पार्टी का बंधुआ मजदूर नहीं है, यादव समाज को सबसे ज्यादा सम्मान बहुजन समाज पार्टी में बहन कुमारी मायावती के नेतृत्व में मिला।” इस बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल मचा दी थी और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बहुजन समाज पार्टी उन्हें टिकट देती है या नहीं।
इस प्रकार, सगड़ी विधानसभा सीट पर मुकाबला कड़ा होने के संकेत अब से ही दिखाई देने लगे हैं। 2027 के चुनाव में किस पार्टी का भरोसा किस चेहरे पर टिकता है और टिकट न मिलने की स्थिति में अन्य दावेदार क्या रणनीति अपनाते हैं, यह आने वाले महीनों में राजनीति की दिशा तय करेगा। (संपादक -मनीष कुमार)
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