नोटिस में 24 घंटे में पत्र वापस लेने की मांग, कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना बताया गया।
प्रयागराज। माघ मेला प्रशासन द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ‘शंकराचार्य’ संबोधन पर सवाल उठाए जाने के बाद विवाद गहराता नजर आ रहा है। संत की ओर से अब इस कार्रवाई के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को कानूनी नोटिस भेजा गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अधिवक्ता अंजनी कुमार मिश्रा के माध्यम से भेजे गए नोटिस में मेला प्रशासन की कार्रवाई को अपमानजनक करार दिया गया है। साथ ही इसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना बताया गया है। नोटिस में मांग की गई है कि मेला प्रशासन द्वारा 19 जनवरी 2026 को जारी किया गया पत्र 24 घंटे के भीतर वापस लिया जाए।
अधिवक्ता का कहना है कि प्रशासन का पत्र न केवल तथ्यों के विपरीत है, बल्कि इससे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिष्ठा, गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंची है। मामले को लेकर संत समाज में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब सबकी नजर मेला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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