आज़मगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की स्थापना को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया।
आज़मगढ़। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को आज़मगढ़ दौरे के दौरान स्वदेशी, विकास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर अहम संदेश दिया। पुलिस लाइन पहुंचने पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह नगर स्थित हरिऔध कला केंद्र पहुंचे, जहां एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होकर उन्होंने सरकार की नीतियों और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर अपने विचार रखे। हरिऔध कला केंद्र में ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सेवा न्यास और महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उप मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी की सोच को नई दिशा मिली है। आज देशवासी स्वदेशी उत्पादों को अपनाने में गर्व महसूस कर रहे हैं और इससे भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मौजूदा सरकार ने गरीबी उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं और करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का कार्य किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में आज़मगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय की स्थापना को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश में हर मंडल में विश्वविद्यालय और प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की दिशा में कार्य आगे बढ़ा है।
उन्होंने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। उनका कहना था कि गांवों के समग्र विकास से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले देश कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा था, लेकिन अब भारत नई संभावनाओं और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और राष्ट्रीय गौरव की भावना को लेकर उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी परंपराओं और विरासत पर गर्व करता है, जिससे वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है।
युवाओं को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। सरकार और समाज उनके साथ खड़े हैं और सामूहिक प्रयास से यह लक्ष्य अवश्य पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय संयोजक सहजानंद राय, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अनन्तानन्द सरस्वती सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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