तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष ने BRS के दो विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाएं खारिज कर उन्हें क्लीन चिट दे दी।
दलबदल के आरोपों पर ठोस सबूत न मिलने के चलते यह फैसला लिया गया, जबकि अन्य विधायकों के मामलों की जांच जारी है।
मुख्य संपादक : मनीष कुमार
हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने गुरुवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) के दो विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि चेवेल्ला से विधायक काले यादैया और बांसवाड़ा से विधायक पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी अब भी BRS के सदस्य हैं और उनके कांग्रेस में शामिल होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने शिकायतों, उपलब्ध रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों की जांच के बाद यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत सभी संबंधितों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया। इस निर्णय के साथ दोनों विधायकों को दलबदल के आरोपों से क्लीन चिट मिल गई।
गौरतलब है कि BRS ने कुल 10 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की याचिका दायर की थी। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष पांच अन्य विधायकों को भी राहत दे चुके हैं, जिनमें तेलम वेंकट राव, बंदला कृष्णमोहन रेड्डी, गुडेम महिपाल रेड्डी, टी. प्रकाश गौड़ और अरेकापुडी गांधी शामिल हैं। वहीं जगतियाल विधायक डॉ. संजय के मामले में जांच पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है।
इसके अलावा कडियाम श्रीहरि और दानम नागेंद्र के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं की जांच अभी जारी है। कडियाम श्रीहरि ने अपना लिखित जवाब सौंप दिया है, जबकि खैरताबाद विधायक दानम नागेंद्र अब तक नोटिस का जवाब नहीं दे पाए हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है, जहां अयोग्यता से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष का यह फैसला तेलंगाना की सियासत में अहम माना जा रहा है।
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