आजमगढ़ : पॉक्सो अदालत का सख्त फैसला, नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को 10-10 साल की कैद।

दीदारगंज क्षेत्र की घटना, 2016 की वारदात में दो आरोपी दोषी करार।
प्रत्येक पर 10 हजार रुपये जुर्माना, गवाहों के आधार पर सजा।
संवाददाता - राकेश गौतम आजमगढ़ 
आजमगढ़। नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने सोमवार को अपना निर्णय सुनाते हुए दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन के मुताबिक, दीदारगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी वर्ष 2016 में अपनी मां के साथ ननिहाल आई हुई थी। 24 अप्रैल 2016 की रात वह घर के बाहर चारपाई पर सो रही थी। इसी दौरान रात करीब बारह बजे गांव के ही दो युवक उसे उठा ले गए और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने कुल दस गवाहों को पेश कर साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर कड़ा और नजीर बनने वाला संदेश माना जा रहा है।

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