सीएचसी में इलाज के नाम पर रिश्वत? …इंजेक्शन लगाने से पहले पैसे लेने का वीडियो वायरल।

 ब्यूरो प्रमुख योगेश कुमार 
मेरठ। जानी थाना क्षेत्र में स्थित एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में कथित रूप से एक अस्पताल कर्मी मरीज को इंजेक्शन लगाने और इलाज करने के बदले पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह रकम इलाज से पहले “जरूरी” बताकर मांगी गई।परिजन का आरोप है कि वह अपने रिश्तेदार का इलाज कराने सीएचसी पहुँचा था, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने उपचार और इंजेक्शन लगाने के नाम पर रुपये की मांग की। वीडियो में कथित तौर पर पैसे लेते हुए दृश्य कैद हैं। यह भी कहा जा रहा है कि उस समय संबंधित प्रभारी की मौजूदगी में यह लेन-देन हुआ, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज का लाभ देने की व्यवस्था है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में कथित रिश्वतखोरी की तस्वीरें सामने आना व्यवस्था की साख पर सीधा सवाल खड़ा करता है। प्रदेश स्तर पर भी सरकारी अस्पतालों में पारदर्शी और निशुल्क सेवाओं पर जोर दिया जाता रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही हैं तो यह न सिर्फ सेवा में लापरवाही बल्कि मरीजों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। अब निगाह इस बात पर है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर वीडियो की सत्यता की जांच करेगा, संबंधित स्टाफ की पहचान करेगा और दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई करेगा।
जिला स्वास्थ्य अधिकारियों से इस संबंध में प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। अगर वीडियो सही पाया जाता है, तो यह घटना सरकारी अस्पतालों में व्याप्त कथित अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई की मांग को और तेज कर सकती है।

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