फोन नहीं उठाया तो कमांड सेंटर से जाएगा अलर्ट।
उत्तर प्रदेश। राजधानी लखनऊ से प्रशासनिक महकमे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अब अगर किसी अधिकारी ने जनप्रतिनिधि का फोन नहीं उठाया, तो यह भारी पड़ सकता है। नई व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधि का कॉल मिस होने के 10 मिनट बाद कमांड सेंटर से अलर्ट जारी किया जाएगा।
तुरंत कॉल बैक करना होगा अनिवार्य
अलर्ट मिलने के बाद संबंधित अधिकारी को तुरंत जनप्रतिनिधि को कॉल बैक करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई भी संभव है। इस फैसले का मकसद जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बताया जा रहा है, ताकि जनता से जुड़े मामलों का समाधान समय पर हो सके।
प्रशासन में बढ़ेगी जवाबदेही
इस नई व्यवस्था से यह साफ संदेश दिया गया है कि अब अफसरशाही में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि जनप्रतिनिधियों के फोन का समय पर जवाब देने से जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण होगा और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।
👉 कुल मिलाकर, अब अफसरों के लिए फोन न उठाना कोई मामूली बात नहीं रही—एक कॉल मिस होना भी कार्रवाई की वजह बन सकता है।
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