मेले की शुरुआत 2 फरवरी को वन विभाग द्वारा की गई, जहां बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल और उससे जुड़ी कार्यशाला का आयोजन हुआ।
संवाददाता -धीरज वर्मा चौक आजमगढ़
आजमगढ़ : जनपद में जिला पर्यावरण समिति एवं गंगा समिति के संयुक्त तत्वावधान में 2 फरवरी से 8 फरवरी तक पर्यावरण एवं पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के सहयोग से आयोजित इस मेले के तहत प्रतिदिन अलग-अलग विभागों द्वारा गोष्ठी, कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य आमजन को पर्यावरण संरक्षण और ज्ञान के महत्व से जोड़ना है। मेले की शुरुआत 2 फरवरी को वन विभाग द्वारा की गई, जहां बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल और उससे जुड़ी कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसी क्रम में कृषि विभाग और उद्यान विभाग के सहयोग से आयोजित कृषि गोष्ठी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी के दौरान किसानों को कार्बन क्रेडिट, सामूहिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे वे उत्पादन बढ़ाकर अधिक लाभ कमा सकें।
वन विभाग की ओर से एग्रोफॉरेस्ट्री को अपनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि खेती के साथ पेड़ लगाने से न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है। कार्यक्रम में बच्चों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिन्हें पुस्तक मेले के माध्यम से पुस्तकों के महत्व और पढ़ने की आदत विकसित करने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना है। डिजिटल दौर में जहां बच्चों और युवाओं में पढ़ने की रुचि कम हो रही है और पर्यावरण संरक्षण एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, वहीं ऐसे आयोजन लोगों को ज्ञान और प्रकृति से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। आयोजन समिति को उम्मीद है कि यह पहल समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करेगी।
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