सेवानिवृत्त फौजी ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, दबंगों पर गंभीर आरोप।
संवाददाता -राकेश गौतम आजमगढ़
आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र अंतर्गत चकीदी गांव निवासी सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी रामधारी यादव ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि उनकी वैध बैनामा भूमि पर मरम्मत कार्य के दौरान पड़ोस के दबंगों ने पुलिस की मौजूदगी में घर में घुसकर मारपीट का प्रयास किया, जान से मारने की धमकी दी और बाद में उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसा दिया।https://youtu.be/YH7cLO3k15o?feature=shared
वैध भूमि पर कार्य के दौरान हुआ विवाद-
रामधारी यादव, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर हैं, के अनुसार ग्राम चकीदी स्थित भूखण्ड संख्या 142 (रकबा 0.147 हेक्टेयर) उनके स्वामित्व में है। भूमि का पूर्व में विधिवत बंटवारा हो चुका है और सभी सहखातेदार अपने-अपने हिस्से में मकान बनाकर रह रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि वे अपनी चारदीवारी के भीतर टीन शेड की वेल्डिंग, लॉक और मरम्मत का कार्य करा रहे थे, इसी दौरान 19 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 10 बजे पड़ोस के कुछ लोग एकजुट होकर अवैध रूप से उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया।
सबूत होने के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप-
पीड़ित ने बताया कि घटना के फोटो और वीडियो उपलब्ध हैं, जिनमें पुलिस की मौजूदगी में मारपीट का प्रयास साफ दिखाई देता है। इसके अलावा लेखपाल द्वारा किए गए मौके के निरीक्षण की रिपोर्ट में भी यह उल्लेख है कि मरम्मत कार्य उनकी वैध भूमि के भीतर ही किया जा रहा था। रामधारी यादव का आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि 3 जनवरी 2026 को संबंधित थाने में शिकायत देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले बढ़ गए।
प्रार्थना पत्र में सेवानिवृत्त सैनिक ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, कथित फर्जी मुकदमे की जांच, निर्माण कार्य के दौरान पुलिस सुरक्षा तथा परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि देश सेवा के बाद वे अपने गृह जनपद में शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों के चलते भय के साये में रहने को मजबूर हैं। फिलहाल, इस मामले में पुलिस प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।
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