लेखपाल पर किसान से लाखों रुपये ठगने का गंभीर आरोप, पीड़ित ने कलेक्ट्रेट में डीएम से लगाई गुहार।

ब्यूरो प्रमुख
शामली: जमीन को सरकारी बताकर डराया, फिर साज़िश के तहत बिकवा दी भूमि; कैराना के बजाय दूसरी तहसील से जांच कराने की मांगशामली। जनपद की कैराना तहसील के एक लेखपाल पर पद का दुरुपयोग कर किसान के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित किसान ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को शिकायती पत्र सौंपते हुए न्याय की मांग की है। किसान का आरोप है कि लेखपाल ने उसकी निजी भूमि को सरकारी बताकर उसे जेल जाने और जमीन कुर्क होने का डर दिखाया और साज़िश के तहत उससे मोटी रकम ऐंठ ली।
जानकारी के अनुसार, थाना झिंझाना क्षेत्र के गांव कमालपुर निवासी किसान शोएब ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उसने गांव अशरफपुर (बिडोली) में कृषि भूमि खरीदी थी। आरोप है कि तत्कालीन लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने और कब्जा दिलवाने के नाम पर उससे पहले 80 हजार रुपये लिए। इसके बाद खतौनी में अंश गलत होने की बात कहकर लेखपाल ने नया जाल बुना। पीड़ित का दावा है कि लेखपाल ने उसे डराया कि यह जमीन वन विभाग और तालाब की है और रिपोर्ट भेजते ही बैनामा निरस्त होकर जमीन सरकारी खाते में चली जाएगी।पीड़ित शोएब के अनुसार, लेखपाल ने उसे कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर अंश ठीक करने के नाम पर 3 लाख रुपये और हड़प लिए। बाद में नुकसान से बचाने का बहाना बनाकर लेखपाल ने साज़िश के तहत वह जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बिकवा दी। ज़मीन बिकने के बाद पीड़ित को पता चला कि उक्त भूमि पूरी तरह निजी थी और वह सरकारी भूमि नहीं थी। खुद को ठगा हुआ महसूस कर जब पीड़ित ने लेखपाल से अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोप है कि लेखपाल अब उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और एसडीएम कैराना के माध्यम से मकान कुर्क करवाने की धमकी दे रहा है।जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में पीड़ित किसान ने मांग की है कि चूंकि मामला कैराना तहसील के लेखपाल से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच कैराना तहसील से न करवाकर किसी अन्य तहसील के अधिकारियों से कराई जाए। पीड़ित का कहना है कि उसे स्थानीय तहसील प्रशासन से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद से तहसील कर्मचारियों और राजस्व विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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