झूंसी पुलिस बयान दर्ज कराने बनारस पहुंची, शिष्यों ने बताया साजिश।
अखिलेश बनाम रामभद्राचार्य की जुबानी जंग से गरमाया राजनीतिक माहौल।
प्रयागराज/वाराणसी। धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गिरफ्तारी की तलवार लटकती नजर आई। उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। प्रयागराज के झूंसी थाना की पुलिस बयान दर्ज कराने के लिए वाराणसी पहुंच चुकी है। इस कार्रवाई को शंकराचार्य और उनके शिष्य एक साजिश करार दे रहे हैं और इसे संत समाज को दबाने की कोशिश बता रहे हैं।
इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम ने सियासी रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसिद्ध संत जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बीच बयानबाज़ी खुलकर सामने आ गई है। रामभद्राचार्य को लेकर अखिलेश यादव के एक बयान ने सियासी तलवार खींच दी, जिसे संत समाज में तीखी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव के बयान के जवाब में रामभद्राचार्य ने भी ऐसा पलटवार किया, जिसने राजनीतिक हलकों के साथ-साथ धार्मिक जगत को भी चौंका दिया। उनके बयान के बाद यह विवाद केवल व्यक्तिगत टिप्पणी तक सीमित न रहकर संत बनाम राजनीति की बहस में बदलता दिख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर चल रही पुलिस कार्रवाई और अखिलेश-रामभद्राचार्य के बीच जुबानी जंग ने प्रदेश की राजनीति में एक नया तनाव पैदा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और संत समाज की प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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