Breking News : यूपी चुनाव से पहले BSP की सबसे बड़ी सियासी चाल।

15 हजार बूथ कमेटियों के गठन से जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करेगी बसपा।
आकाश आनंद के रोड शो से लेकर सतीश मिश्रा की जिलावार रणनीति तक फुल एक्शन मोड में पार्टी।
 लखनऊ/उत्तर प्रदेश। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी ने अब तक की सबसे बड़ी संगठनात्मक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी ने तय किया है कि पूरे प्रदेश में 15 हजार बूथ कमेटियों का गठन किया जाएगा, ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को अभेद्य बनाया जा सके। बसपा का साफ संदेश है—इस बार चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरना है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर संगठन विस्तार की यह मुहिम तेज कर दी गई है। बूथ स्तर पर मजबूत ढांचा खड़ा कर पार्टी अपने परंपरागत वोट बैंक के साथ-साथ नए सामाजिक वर्गों को जोड़ने की तैयारी में जुटी है।
14 अप्रैल तक पूरा होगा बूथ कमेटियों का गठन-
बसपा ने लक्ष्य तय किया है कि 14 अप्रैल, यानी बाबा भीमराव आंबेडकर की जयंती तक सभी 15 हजार बूथ कमेटियों का गठन कर लिया जाएगा। इसे पार्टी सामाजिक न्याय और संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देख रही है। इस दौरान हर विधानसभा क्षेत्र में बूथ प्रभारी, सेक्टर प्रभारी और जिम्मेदार पदाधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
अप्रैल से आकाश आनंद करेंगे रोड शो और जनसभाएँ-
संगठन को धार देने के लिए अप्रैल महीने से आकाश आनंद प्रदेश भर में रोड शो और जनसभाओं की शुरुआत करेंगे। युवा मतदाताओं और नए समर्थकों को जोड़ने की जिम्मेदारी आकाश आनंद के कंधों पर होगी। माना जा रहा है कि यह अभियान बसपा के नए चेहरे और नई सोच को जनता के सामने लाने का काम करेगा।
कांशीराम की जयंती पर होगा बड़ा आयोजन-
बसपा अपने संस्थापक कांशीराम की जयंती पर भव्य आयोजन की तैयारी कर रही है। इस आयोजन के जरिए पार्टी बहुजन आंदोलन की विचारधारा को फिर से धार देने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास करेगी। प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए  जायेंगे।
प्रबुद्ध समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी सतीश मिश्रा के हाथ-
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को प्रबुद्ध समाज को पार्टी से जोड़ने की अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, सतीश मिश्रा विभिन्न जिलों में कार्यक्रम कर समाज के प्रभावशाली वर्गों से संवाद स्थापित करेंगे, ताकि बसपा का सामाजिक दायरा और व्यापक हो सके।
कुल मिलाकर, बसपा अब सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि मजबूत जमीनी रणनीति के साथ चुनावी समर में उतरने की तैयारी कर चुकी है।15 हजार बूथ कमेटियां, बड़े आयोजन, रोड शो और प्रबुद्ध समाज की भागीदारी—ये संकेत दे रहे हैं कि यूपी की सियासत में बसपा एक बार फिर बड़ा खेल करने की तैयारी में है।

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