छापेमारी को बताया अमानवीय, बीमारी के दौरान कार्रवाई पर उठाए सवाल।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। अब इस पूरे मामले में BSP सुप्रीमो मायावती खुलकर अपने विधायक के समर्थन में उतर आई हैं और उन्होंने सरकार व जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर बड़ा बयान दिया है।
मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि उमाशंकर सिंह जब से BSP में आए हैं, उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उनके क्षेत्र से आज तक अवैध संपत्ति अर्जित करने या किसी भी प्रकार के गलत कार्य की कोई शिकायत सामने नहीं आई है।
“गंभीर बीमारी में कार्रवाई अमानवीय”
मायावती ने अपने बयान में यह भी कहा कि विधायक उमाशंकर सिंह पिछले लगभग दो वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि आयकर या किसी अन्य विभाग को कोई जांच करनी भी थी, तो उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इलाज के बाद पूछताछ की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि बीमारी के दौरान इस तरह की कार्रवाई “अति-दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता के खिलाफ” है।
राजनीतिक बदले की भावना का आरोप-
BSP सुप्रीमो ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी संवैधानिक या कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर रही है, लेकिन जिस तरीके और समय पर यह कार्रवाई की गई, वह कई सवाल खड़े करती है। विपक्षी खेमे में इसे योगी आदित्यनाथ सरकार की राजनीतिक कार्रवाई बताया जा रहा है, जबकि सरकार की ओर से इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती करार दिया जा रहा है।
फिलहाल, जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई का इंतजार है, लेकिन मायावती के इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग ले चुका है और यूपी की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
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