अखिलेश यादव पर BSP प्रदेशअध्यक्ष विश्वनाथ पाल का तीखा हमला, कांशीराम–आंबेडकर के अपमान का लगाया आरोप।



 सपा सरकार में छुट्टियां रद्द और नाम बदलने को बताया बहुजन समाज के साथ धोखा।
सपा सरकार ने कांशीराम के नाम पर बने जिलों और संस्थानों के नाम बदलकर बहुजन समाज के महापुरुषों का अपमान किया।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि यदि अखिलेश यादव को वास्तव में कांशीराम के प्रति सम्मान होता, तो उनकी सरकार में ऐसे फैसले कभी नहीं लिए जाते, जिनसे बहुजन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची। विश्वनाथ पाल ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए मान्यवर कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर मिलने वाली सरकारी छुट्टियां क्यों रद्द की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने कांशीराम के नाम पर बने जिलों और संस्थानों के नाम बदलकर बहुजन समाज के महापुरुषों का अपमान किया। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी चुनाव के समय दलित और ओबीसी समाज को गुमराह करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनके हितों के खिलाफ फैसले लेती है। उन्होंने दावा किया कि सपा और उसके मुखिया की सोच दलित एवं पिछड़ा विरोधी रही है, जिसे अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है। विश्वनाथ पाल ने यह भी आरोप लगाया कि बहुजन समाज के इतिहास को कमजोर करने और उनके महापुरुषों की पहचान मिटाने की साजिश लगातार की गई। उन्होंने कहा कि केवल बहुजन समाज पार्टी ही वह दल है जिसने बहुजन समाज को राजनीतिक ताकत, सम्मान और पहचान दिलाई। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन वोट बैंक को लेकर तेज होती सियासी जंग के रूप में देख रहे हैं। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि इस आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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