“शिक्षा या नौकरी लेबा की…” गाने ने बढ़ाया जोश, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल।
मऊ। जिला के कोपागंज में आयोजित महा धम्म सम्मेलन में उस समय राजनीतिक और सांस्कृतिक माहौल एक साथ देखने को मिला, जब बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने मंच से समाजवादी पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग मान्यवर कांशीराम के नाम पर बने जिले को ही स्वीकार नहीं कर सके, वे आज उनकी विचारधारा की बात करते हैं, यह जनता के साथ धोखा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि बहुजन समाज अपने असली हितैषियों को पहचाने और 2027 के चुनाव में सही निर्णय ले।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे, जहां बसपा के विचारों और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया गया। इसी दौरान कार्यक्रम में मिशन और बिरहा गायक अनिल टाइगर का गाना “शिक्षा या नौकरी लेबा की, फ्री में राशनवा चाहिए” भी गूंजता रहा, जिसने पूरे माहौल को जोश से भर दिया। यह गाना इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर समर्थकों ने इस गाने को समाज की वास्तविक स्थिति को दर्शाने वाला बताया, वहीं कुछ लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग राय भी रखी। कार्यक्रम स्थल पर भी इस गाने को लेकर हल्की-फुल्की बहस देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।
इस महा धम्म सम्मेलन के जरिए बसपा ने एक बार फिर अपने जनाधार को मजबूत करने का प्रयास किया है। राजनीतिक बयानबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के मिश्रण ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया, जिसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है और सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से वायरल हो रहा है।
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