आजमगढ़ : राष्ट्रीय संगोष्ठी में पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर।

कुलपतियों ने कहा—सरल कर व्यवस्था और स्थानीय उद्योगों का सशक्तिकरण जरूरी।
आजमगढ़। डीएवी महाविद्यालय में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, शिक्षा मंत्रालय नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन विभिन्न शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए स्थानीय और पारंपरिक उद्योगों का पुनर्बलन बेहद आवश्यक है। उन्होंने जीएसटी जैसी कर व्यवस्था को बुनकरों और छोटे उद्योगों के लिए सरल और न्यूनतम बनाने पर बल दिया।
समापन सत्र में आजमगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि आर्थिक नीतियां और कराधान व्यवस्था देश के विकास की आधारशिला होती हैं और इस तरह की संगोष्ठियां नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. प्रेमचंद्र यादव ने की, जबकि अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। आयोजन में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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