फुले के सामाजिक योगदान को याद कर शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार, जिलों के नाम बदलने पर सपा को घेरा।
लखनऊ : महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि फुले ने अपना पूरा जीवन बहुजन समाज, खासकर अति-पिछड़े वर्ग और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित किया और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी।
मायावती ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले ने मिलकर स्त्री शिक्षा और नारी सशक्तिकरण की शुरुआत की, जिससे समाज में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के अभाव ने समाज को लंबे समय तक पीछे रखा, इसलिए इसे सबसे बड़ा हथियार मानते हुए आगे बढ़ना जरूरी है—इसी विचार को डॉ अम्बेडकर ने भी अपनाया। बसपा सुप्रीमो ने अपने शासनकाल के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने महापुरुषों के सम्मान में कई जिलों का नामकरण किया था, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश गया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार ने इन जिलों के नाम बदलकर महापुरुषों के सम्मान को ठेस पहुंचाई और संकीर्ण राजनीति का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम सपा की सोच और उसके “पीडीए” के वास्तविक चरित्र को दर्शाता है। मायावती ने अंत में कहा कि ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनके मार्ग पर चलकर ही सामाजिक न्याय, समानता और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
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