नर्सिंग सेवा को बताया त्याग और समर्पण का प्रतीक, विद्यार्थियों ने सेवा भावना की ली शपथ : डॉ. विनय सिंह यादव
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सम्मान समारोह ने बांधा समां, उत्कृष्ट छात्रों को किया गया पुरस्कृत।
आजमगढ़। जनपद के सेहदा स्थित श्री दुर्गा जी नर्सिंग स्कूल में गुरुवार को नए बैच के विद्यार्थियों के लिए दीप प्रज्वलन एवं शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विनय सिंह यादव, डॉ. प्रेम प्रकाश यादव, उदय राज, गोपाल प्रियदर्शी सहित राम नयन यादव की उपस्थिति रही। इसके साथ ही श्री दुर्गा जी एजुकेशनल ग्रुप एवं श्री दुर्गा जी हॉस्पिटल सेवा संस्थान के पदाधिकारी और सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक लालजी यादव एवं प्राचार्या एकता सहनी द्वारा मां सरस्वती और फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात जीएनएम और एएनएम के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं ने हाथों में दीप लेकर ईमानदारी, निष्ठा और करुणा के साथ मरीजों की सेवा करने की शपथ ली।
मुख्य अतिथि डॉ. विनय सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि त्याग, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को मानवता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपप्राचार्या पूजा सिंह एवं अन्य संकाय सदस्यों—ज्योति सिंह, ज्ञानेंद्र उपाध्याय, रामकिशुन यादव, अंशु यादव, आशु यादव, अमरेश यादव, पूर्णिमा सिंह, नेहा चौहान, साधना यादव, पूनम कुमारी, मीरा कुमारी, पियूष कुमार और सुषमा यादव की सक्रिय सहभागिता रही। समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा गणेश वंदना, स्वागत गीत, अर्धशास्त्रीय एवं शास्त्रीय नृत्य, पंजाबी और राजस्थानी नृत्य, साथ ही महाभारत और पद्मावत पर आधारित एकांकी प्रस्तुत कर सांस्कृतिक माहौल को जीवंत बना दिया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, वहीं परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया।
अंत में संस्थान के निदेशक लालजी यादव ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। यह समारोह न केवल नए विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता के मूल्यों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी साबित हुआ।
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