पीएम मोदी से लेकर मायावती, अखिलेश, राहुल, तेजस्वी और चंद्रशेखर आजाद तक ने दी श्रद्धांजलि
देशभर में कार्यक्रम, सामाजिक न्याय और समानता के संदेश के साथ मनाई गई जयंती।
नई दिल्ली : संविधान निर्माता बी.आर. अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। इस खास दिन पर देश के शीर्ष नेताओं ने बाबा साहेब को नमन करते हुए उनके विचारों को याद किया और सामाजिक न्याय, समानता तथा संविधान के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता का प्रतीक है, जो हर भारतीय को प्रेरणा देता है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि बाबा साहेब के दिखाए रास्ते पर चलकर ही देश में सामाजिक न्याय और बराबरी सुनिश्चित की जा सकती है।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अंबेडकर जयंती को बहुजन समाज के आत्मसम्मान का पर्व बताते हुए उनके सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बाबा साहेब को नमन करते हुए उनके विचारों को वर्तमान राजनीति में प्रासंगिक बताया। बिहार के युवा नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बाबा साहेब का संघर्ष सामाजिक बराबरी की नींव है, जिसे आगे बढ़ाना आज की जिम्मेदारी है। वहीं भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद रावण ने उनके विचारों को युवाओं के लिए मार्गदर्शक बताते हुए सामाजिक परिवर्तन का आह्वान किया। लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने भी बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को देश के लिए अमूल्य बताया। देशभर में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों, रैलियों, संगोष्ठियों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग—शिक्षा, समानता और न्याय—पर चलने का संकल्प लिया। अंबेडकर जयंती एक बार फिर देश को एकता, समरसता और संविधान के मूल्यों की याद दिलाने वाला अवसर बनकर सामने आई।
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