मुजफ्फरनगर में सनसनी: नाबालिग युवती से पहले रेप और फिर जहर देकर मारने की कौशिश?

पीडिता के बदलते बयानों से संदिग्ध बना मामला, सीडीआर के जरिए जांच में जुटी।
 संवाददाता: योगेश कुमार 
 मुजफ्फरनगर :  जनपद के फुगाना थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने अपने पड़ोसी युवक पर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और बाद में जहरीला पदार्थ देकर जान से मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में स्थानीय स्तर पर सख्त कार्रवाई न होने का दावा करते हुए पीड़िता ने परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर आलाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर सघन जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बीती 8 जून को वह अपने घर पर अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली मोनिका नाम की महिला उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गई। पीड़िता का आरोप है कि मोनिका ने उसे जबरन अपने देवर सुनील के कमरे में धकेल दिया, जहाँ आरोपी सुनील ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने उसे जबरन कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया और गंभीर हालत में उसे उसके घर के बाहर छोड़ कर फरार हो गए। मुंह से झाग निकलता देख बदहवास परिजन उसे तत्काल शामली के एक अस्पताल ले गए, जहाँ इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। पीड़िता ने कहा, "हम आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते हैं, कप्तान साहब ने हमें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया हैइस पूरे मामले पर पुलिस का रुख बेहद फूंक-फूंक कर कदम रखने वाला है। पुलिस शुरुआती जांच में इस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही है क्योंकि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) फुगाना विश्वजीत सिंह ने बताया कि दिनांक 9 जून को थाना फुगाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। सूचना पर जब पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और पीड़िता से बात की, तो उसने स्वयं लिखित या मौखिक तौर पर बताया था कि उसने 'गलती से' कोई जहरीला पदार्थ खा लिया हैसीओ फुगाना के मुताबिक, अस्पताल में दिए गए पहले बयान के करीब एक घंटे बाद ही लड़की ने अपना बयान बदल दिया। इसके बाद दो दिन पहले पीड़िता की मां की ओर से थाने में एक शिकायती पत्र दिया गया, जिसमें सुनील और उसकी भाभी मोनिका पर सामूहिक साजिश और दुष्कर्म का आरोप लगाया गया। सीओ विश्वजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि चूंकि बयानों में बार-बार बदलाव हुआ है, इसलिए मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों और पीड़िता के परिवार के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी वैज्ञानिक और जमीनी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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