आजमगढ़ : प्राइवेट कंपनी को रजिस्ट्री कार्य सौंपने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू।

अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों व मुंशियों ने सरकार के फैसले का किया विरोध, प्रदेशभर में रजिस्ट्री कार्य प्रभावित।
संवाददाता : धीरज वर्मा
आजमगढ़। रजिस्ट्री कार्य को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित किए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी उप निबंधक कार्यालयों में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों एवं मुंशियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय उनके रोजगार, अधिकारों और सम्मान पर सीधा आघात है। हड़ताल के चलते प्रदेशभर के रजिस्ट्री कार्यालयों में रजिस्ट्री संबंधी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की है कि रजिस्ट्री कार्य को किसी निजी कंपनी को सौंपने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा वर्तमान व्यवस्था को यथावत बनाए रखा जाए।
दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह एवं महामंत्री अजय कुमार मौर्य के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में कोषाध्यक्ष अमजद शेख सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर एवं मुंशी शामिल हुए। आंदोलन में उदय प्रताप सिंह, प्रवेश दीक्षित, पंकज तिवारी, अवशेष कुमार यादव, सुमंत सिंह, रमेश चौहान, उमेर खान, मंगला सिंह, अभय नारायण कुंवर, जनार्दन सिंह, अभय कुमार, दूधनाथ मधुकर, बिपिन सिंह, रूपचंद्र सिंह, रमेश यादव, शैलेंद्र कुमार सिंह, अजय राय, बिनोद अस्थाना, देशराज चौहान, आनंद कुमार, मनोज चौहान, शशिकांत सिंह, सोनू कुमार, रामाश्रय सिंह, राकेश यादव, अंकित सिंह, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, कपिलदेव यादव, सूरज प्रकाश यादव, अतुल कुमार, प्रवीण कुमार, परपुदमन मौर्य तथा शिवांगी यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार के बदलाव से पहले अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और मुंशियों जैसे हितधारकों से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल रोजगार बचाने का नहीं, बल्कि अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व की रक्षा का संघर्ष है। आंदोलनकारियों के अनुसार ई-पंजीयन कार्य पूरी तरह ठप होने से प्रदेश सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। उनका दावा है कि एक दिन में लगभग सात करोड़ रुपये तक का राजस्व प्रभावित हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल के कारण आम जनता को भी रजिस्ट्री संबंधी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ