आजमगढ़ : ऐतिहासिक गुरुद्वारा की भूमि पर कब्जे के प्रयास से बढ़ा तनाव, पुलिस ने रुकवाया निर्माण कार्य।

विवादित भूमि पर निर्माण की सूचना मिलते ही सिख समाज में आक्रोश, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे।
संवाददाता - अबुल कैश।
निजामाबाद/आजमगढ़। कस्बा निजामाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा की भूमि को लेकर गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कुछ लोगों द्वारा विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराए जाने की सूचना सिख समुदाय के लोगों को मिली। सूचना फैलते ही सिख समाज के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
मामले की जानकारी मिलते ही गुरुद्वारा के जत्थेदार बाबा सतनाम सिंह भी मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गुरुद्वारा की भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। बाबा सतनाम सिंह ने कहा कि यह भूमि वर्षों पुरानी धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा है, जिस पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
न्यायालय में विचाराधीन है मामला, 18 जून को होनी है अगली सुनवाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा निवासी अफजल एवं असलम पुत्रगण कमरूद्दीन द्वारा उक्त भूमि पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी बीच सिख समाज के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के समर्थकों के मौके पर पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बढ़ गई।
गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से बताया गया कि भूमि विवाद का मामला वर्तमान में कमिश्नर न्यायालय में विचाराधीन है तथा इसकी अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित है। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले निर्माण कार्य कराना नियमों के विपरीत है।
पुलिस और प्रशासन की तत्परता से टला बड़ा विवाद।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल निर्माण कार्य को रुकवा दिया तथा दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व विभाग की जांच और न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यथास्थिति बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है और कानून व्यवस्था भंग करने अथवा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के हस्तक्षेप और प्रशासनिक सक्रियता के बाद स्थिति सामान्य हो गई तथा दोनों पक्ष शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौट गए। हालांकि गुरुद्वारा भूमि विवाद को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और अब लोगों की निगाहें 18 जून को कमिश्नर न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि न्यायालय के निर्णय के बाद ही इस विवाद का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

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