आजमगढ़ सपा कार्यालय में मनाई गई मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती।

नेताओं ने साहित्यकार को दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय और मानवीय मूल्यों पर डाला प्रकाश।
संवाददाता - राकेश गौतम 
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी कार्यालय, आजमगढ़ में शुक्रवार को महान साहित्यकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके साहित्यिक योगदान को याद करते हुए समाज में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद हिंदी और उर्दू साहित्य के महान कथाकार थे। उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों और समाज के वंचित वर्गों के जीवन संघर्ष को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ चित्रित किया। उनके उपन्यास और कहानियां आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रही हैं।
समाजवादी चिंतक एवं जिला उपाध्यक्ष जी.एस. प्रियदर्शी ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य में सामाजिक विषमताओं, शोषण और वंचित वर्ग की पीड़ा को प्रमुखता से स्थान दिया। उनके प्रसिद्ध उपन्यास गोदान, गबन और कर्मभूमि आज भी साहित्य जगत में विशेष स्थान रखते हैं।
अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य सत्य, न्याय, समानता और मानवीय संवेदनाओं का संदेश देता है तथा उनकी रचनाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में महेंद्र चौहान, श्यामदेव चौहान, हंसराज चौहान, मनोज कुमार यादव, पप्पू कुमार यादव, राम समुझ राम, अनीता, शशिकांत सरोज, जुल्मधारी यादव प्रधान सहित समाजवादी पार्टी के कई नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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