मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण के आरोपों में घिरे फुलत मदरसे के संचालक का पुत्र अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार।

संवाददाता - योगेश कुमार 
खतौली/रतनपुरी। अवैध धर्मांतरण के गंभीर आरोपों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में आए क्षेत्र के ग्राम फुलत स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया प्रकरण में स्थानीय पुलिस को पहली बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रतनपुरी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मदरसा संचालक के पुत्र जुनेद अंसारी को अवैध तमंचे और कारतूस के साथ धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी से सघन पूछताछ करने के बाद उसे संबंधित धाराओं में न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में नामजद अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही हैपुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम फुलत के ही एक स्थानीय निवासी की तहरीर पर मदरसा संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी तथा उनके पुत्र जुनेद अंसारी के विरुद्ध हिंदू समाज के लोगों का कथित रूप से प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के आरोप में विभिन्न गंभीर व सुसंगत धाराओं में रतनपुरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस की टीमें आरोपियों की टोह में जुटी हुई थीं। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर सटेड़ी-फुलत मार्ग पर चलाए जा रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने जुनेद अंसारी को संदिग्ध अवस्था में रोक लिया। जामा तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गयाउल्लेखनीय है कि योग आश्रम बघरा के संचालक स्वामी यशवीर महाराज ने कुछ दिनों पूर्व एक प्रेस वार्ता के दौरान दो युवतियों समेत पांच लोगों के नाम और तस्वीरें सार्वजनिक करते हुए इस पूरे मामले का भंडाफोड़ किया था। उन्होंने सीधे तौर पर दावा किया था कि फुलत स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया में पिछले लगभग एक दशक से हिंदू समुदाय के गरीब व सीधे-साधे लोगों को रोजगार, पैसे और अन्य तरह के प्रलोभन देकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है और उनका अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। स्वामी यशवीर महाराज ने आरोप लगाया था कि मदरसा संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनका बेटा जुनेद इस पूरे सिंडिकेट को संचालित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि इस मदरसे का एक बड़ा हिस्सा सरकारी भूमि (ग्राम समाज) पर अवैध रूप से अतिक्रमण करके बनाया गया है, जिसे ढहाने के लिए प्रशासन पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर चुका है।स्वामी यशवीर महाराज ने प्रशासन से पुरजोर मांग की थी कि इन आरोपियों की विभिन्न जिलों में फैली चल-अचल संपत्तियों की गहनता से जांच की जाए। उन्होंने आशंका जताई थी कि इस बड़े स्तर के धर्मांतरण नेटवर्क को चलाने के लिए बाहरी स्रोतों या विदेशी संस्थाओं से मोटी फंडिंग मिल रही है। उन्होंने आरोपियों की आय के स्रोतों और बैंक खातों को खंगालने की भी मांग उठाई थी।रतनपुरी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी जुनेद अंसारी को विधिक प्रक्रिया पूरी कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे प्रकरण की बेहद बारीकी और गंभीरता से जांच की जा रही है। मदरसे में ठहरने वाले और आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ कर उनका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। थाना प्रभारी के मुताबिक, फरार चल रहे अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश का दौर जारी है और जांच में जो भी नए तथ्य या साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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