बड़ी खबर: जंतर-मंतर पर कार्रवाई की आशंका के चलते सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन।

वीडियो संदेश में बोले— सरकार से कोई समझौता नहीं, आंदोलन और युवाओं की आवाज़ जारी रहेगी।
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के समर्थक सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त करने के बाद सोशल मीडिया पर उठी आलोचनाओं का जवाब देते हुए शुक्रवार को एक विस्तृत वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के साथ उनका कोई समझौता नहीं हुआ है और अनशन समाप्त करने का फैसला पूरी तरह परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया।
वांगचुक ने कहा कि उन्हें आशंका थी कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। इसी कारण उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया, ताकि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर उन्होंने अलग से ज़ोर नहीं दिया, क्योंकि उनके अनुसार जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और देशभर में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच इस मुद्दे पर पहले से ही व्यापक जनदबाव बन चुका है।
सोनम वांगचुक ने बताया कि शुक्रवार तड़के करीब 12:30 बजे उन्होंने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में, अपनी पत्नी तथा लद्दाख के नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ अपना अनशन समाप्त किया। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों के लिए उनकी मुहिम आगे भी जारी रहेगी।

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