आजमगढ़ : मसुविवि का तृतीय दीक्षांत समारोह 11 अगस्त को, पं. हरिप्रसाद चौरसिया होंगे मुख्य अतिथि।

88 मेधावियों को मिलेंगे पदक, छात्राओं ने फिर बनाई शानदार बढ़त।
पंकज भाई डूंगरभाई मकवाना को प्रदान की जाएगी मानद उपाधि, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षता।
संवाददाता -धीरज वर्मा 
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ का तृतीय दीक्षांत समारोह 11 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल करेंगी, जबकि पद्म विभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्यपाल का जनपद आगमन 10 अगस्त को प्रस्तावित है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, कुलसचिव अमृतलाल एवं परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार मौर्य ने शिबली नेशनल कॉलेज में आयोजित प्रेसवार्ता में समारोह की तैयारियों की जानकारी दी। कुलपति ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत एचपीवी टीकाकरण के अवलोकन से होगी। इसके बाद चित्रकला एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन, नवनिर्मित कार्यों का उद्घाटन तथा अन्य कार्यक्रम होंगे।
दीक्षांत समारोह में कुल 88 पदक वितरित किए जाएंगे। इनमें से 20 पदक राज्यपाल के हाथों प्रदान किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक ने पदक विजेताओं से संबंधित जानकारी भी साझा की। समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान करने के साथ दीक्षोपदेश भी दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की अर्धवार्षिक पत्रिका और प्राध्यापकों की छह पुस्तकों का विमोचन भी प्रस्तावित है।
समारोह में गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के प्रतिष्ठित पटोला बुनकर प्रशिक्षक एवं समाजसेवी पंकज भाई डूंगरभाई मकवाना को विश्वविद्यालय की ओर से मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी और अतिविशिष्ट अतिथि योगेंद्र उपाध्याय के संबोधन के बाद मुख्य अतिथि पं. हरिप्रसाद चौरसिया का संबोधन होगा।
राज्यपाल द्वारा आजमगढ़ और मऊ के पांच-पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट एवं टीकाकरण प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को पुस्तकें तथा कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को रोचक कहानियां, कलर बुक और रंग सामग्री भी वितरित की जाएगी। समारोह के अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह में ड्रेस कोड अनिवार्य रहेगा। पुरुष छात्र कुर्ता-पायजामा अथवा धोती, महिलाएं सफेद साड़ी लाल बॉर्डर के साथ तथा छात्राएं सफेद सलवार-सूट और दुपट्टे में उपस्थित होंगी। प्रेसवार्ता के बाद विश्वविद्यालय अधिकारियों ने शिबली नेशनल कॉलेज परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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