मिशन 2027 के लिए बसपा ने कसी कमर, पूर्वांचल में संगठन विस्तार पर जोर।

आकाश आनंद को पूर्वांचल में सक्रिय करने की तैयारी, मंडलीय जनसभाओं के जरिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सीधा संवाद।
सगड़ी समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियां तेज, प्रत्याशी चयन और बूथ स्तर की तैयारी पर पार्टी का फोकस।
लखनऊ/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी का विशेष फोकस पूर्वांचल के जिलों पर दिखाई दे रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन और जनसंपर्क अभियान के बाद अब पूर्वांचल में भी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की जनसभाओं और कार्यकर्ता सम्मेलनों की तैयारी की जा रही है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को गांव, सेक्टर और बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाए।https://www.instagram.com/reel/DcKuitcxi4h/?igsh=MWg2ZTdrOWY4MjNzaw==
बसपा की रणनीति में युवा वर्ग के साथ संवाद बढ़ाने के साथ पारंपरिक समर्थक वर्ग को संगठन से जोड़कर रखने पर भी जोर है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से लगातार कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में सक्रिय रहने और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया जा रहा है। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आकाश आनंद के कार्यक्रमों की मांग भी सामने आ रही है।
पूर्वांचल पर क्यों है बसपा का जोर?
पूर्वांचल लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, वाराणसी, संतकबीरनगर, गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में विधानसभा सीटों की बड़ी संख्या चुनावी समीकरण को प्रभावित करती है। ऐसे में बसपा के लिए पूर्वांचल में संगठन को मजबूत करना आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी के पिछले चुनावी प्रदर्शन में गिरावट के बाद बसपा अब संगठन को दोबारा सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है। विधानसभा स्तर पर संभावित प्रत्याशियों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर मंथन चल रहा है। पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से काफी पहले स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी जाएं, जिससे चुनाव के समय संगठन को अचानक सक्रिय करने की जरूरत न पड़े।
आजमगढ़ और सगड़ी पर भी नजर-
आजमगढ़ मंडल को बसपा की रणनीति में महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जा रहा है। जिले की विधानसभा सीटों में सगड़ी भी राजनीतिक रूप से अहम मानी जाती है। यहां पार्टी संगठन की गतिविधियां बढ़ाने और मजबूत स्थानीय चेहरे को आगे लाने पर चर्चा चल रही है।
सगड़ी विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी चयन को लेकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। पार्टी स्तर पर संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन की प्रक्रिया चलने की बात सामने आ रही है। हालांकि अंतिम प्रत्याशी के नाम की पुष्टि पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मानी जाएगी। इसलिए किसी संभावित नाम को अभी निश्चित प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
युवा और नए मतदाताओं पर भी नजर-
बसपा के आगामी अभियान में युवा मतदाताओं से संवाद को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की ओर से युवा वर्ग तक संगठन की नीतियां और विचार पहुंचाने तथा उन्हें राजनीतिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। आकाश आनंद की सक्रियता को इसी रणनीति के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही पार्टी अपने पारंपरिक सामाजिक आधार को मजबूत बनाए रखने और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संगठन का विस्तार करने पर भी जोर दे रही है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और जनता से नियमित संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
चुनाव से पहले संगठन की अग्निपरीक्षा-
बसपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को सक्रिय और चुनावी स्तर पर प्रभावी बनाना है। पार्टी अब जनसभाओं, कार्यकर्ता बैठकों, जनसंपर्क अभियानों और विधानसभा स्तर की तैयारियों के जरिए अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
पूर्वांचल में आकाश आनंद की संभावित सक्रियता और विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक तैयारियों से पार्टी के चुनावी अभियान को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि संगठन की मजबूती और जनसमर्थन का वास्तविक आकलन आगामी चुनाव में ही हो सकेगा। फिलहाल बसपा का जोर अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर संगठन खड़ा करने और विधानसभा चुनाव के लिए समय रहते चुनावी जमीन तैयार करने पर है।
                               - मनीष कुमार 

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