आजमगढ़ : विभाजन की विभीषिका को याद कर भावुक हुए लोग, प्रदर्शनी में दिखी दर्दनाक दास्तां।

आजमगढ़ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी, संगोष्ठी और मौन श्रद्धांजलि का आयोजन।
संवाददाता -धीरज वर्मा 
आजमगढ़। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर हरिऔध कला केंद्र में अभिलेख एवं चित्र प्रदर्शनी, संगोष्ठी, लघु फिल्म के प्रसारण और मौन श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने किया।
कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, पलायन और मानवीय त्रासदी को चित्रों, दस्तावेजों और लघु फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। विभाजन से प्रभावित परिवारों के सदस्यों ने अपने पूर्वजों से सुने अनुभव और उस दौर की पीड़ा साझा की। इस दौरान विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि देश के बंटवारे का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने जान गंवाई। उन्होंने कहा कि यह दिवस उन लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि विभाजन भारत के इतिहास में बड़े पैमाने पर हुए मानव विस्थापन और मजबूर पलायन की दर्दनाक घटना थी। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने वर्षों से साथ रह रहे लोगों की जीवनशैली और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित किया।
कार्यक्रम में 96 वर्षीय सुदर्शन कौर चावला, संगम अरोड़ा और सरदार परमजीत को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया गया। सुदर्शन कौर चावला ने विभाजन के समय पाकिस्तान से ट्रेन के माध्यम से आगरा पहुंचने और गुरुद्वारे में शरण लेने की स्मृतियां साझा कीं। उनके अनुभव सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भावुक हो गए।
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना को समाप्त कर सामाजिक एकता एवं सद्भाव की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और विस्थापन की घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों ने अपनी परंपराएं, विरासत, अधिकार और रिश्ते पीछे छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने के लिए मजबूरन पलायन किया। कार्यक्रम में सहकारिता बैंक के चेयरमैन लक्ष्मण मौर्य, समाजसेवी प्रवीण सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, संयुक्त मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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