यूपी में अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा पर सख्ती, फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य।

आईसीयू-एनआईसीयू की सुरक्षा जांच पर विशेष जोर, बिना वैध एनओसी वाले अस्पतालों को नोटिस देने के निर्देश।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निर्देशों के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग होम में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा अंकेक्षण कराने पर जोर दिया गया है।
निर्देशों में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) और नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा जांच को प्राथमिकता देने को कहा गया है। इन स्थानों पर आग से बचाव के इंतजामों की बारीकी से जांच की जाएगी।
जिन अस्पतालों या चिकित्सा संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की वैध अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) नहीं है अथवा जिसकी वैधता समाप्त होने वाली है, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

होटल और व्यावसायिक परिसरों की भी होगी जांच-
अस्पतालों के अलावा राज्य में होटल, ऊंचे व्यावसायिक भवन और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच पर जोर दिया गया है। बेसमेंट के संचालन और वहां सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जाएगी।

सरकारी स्कूलों में ‘बस्ता रहित शनिवार’
इसी क्रम में कक्षा 6 से 8 तक के सरकारी स्कूलों में ‘बस्ता रहित शनिवार’ की व्यवस्था शुरू करने की पहल की गई है। इसके तहत शनिवार को विद्यार्थियों को खेलकूद, रचनात्मक कार्यों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जाएगा। इससे बच्चों के व्यावहारिक और रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने का उद्देश्य है।

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