बड़ी खबर : खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर सियासत गरम, मायावती ने RSS को दी चेतावनी।

हल्द्वानी की घटना संसद से सड़क तक पहुंची, मायावती और अखिलेश यादव ने खरगे के समर्थन में उठाई आवाज।
नई दिल्ली/लखनऊ। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित रूप से किए गए शुद्धिकरण हवन को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। मामला अब संसद से लेकर राजनीतिक दलों के बयानों और सोशल मीडिया तक पहुंच गया है।https://www.instagram.com/reel/DcApfq1x1K6/?igsh=MWRubzIyZ3FwaXlyYQ==
खरगे ने राज्यसभा में इस घटना का जिक्र करते हुए इसे अपने लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, लेकिन मुद्दा केवल उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी से जुड़ा है। राज्यसभा में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कहा कि यदि ऐसा कोई कृत्य हुआ है तो यह केवल कांग्रेस या खरगे का नहीं, बल्कि सभी लोगों और समुदायों का अपमान है तथा मामले की जांच कराई जाएगी।
घटना को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे दलित विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत से आरक्षण के मुद्दे पर विचार करने की बात कही। मायावती के बयान के बाद उत्तर प्रदेश में दलित राजनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी खरगे के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी दल इस घटना को सामाजिक समानता और सम्मान के मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पूरे प्रकरण की राजनीतिक व्याख्या को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
हल्द्वानी की घटना ने एक बार फिर दलित सम्मान, सामाजिक समानता और आरक्षण जैसे मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह विवाद उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों की राजनीति में भी असर डाल सकता है।

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