देर रात तक प्रदर्शनकारियों के बीच डटे रहे नगीना सांसद, बोले—लड़ाई जीतने तक नहीं छोड़ेंगे साथ।
लखनऊ। पंचायत सहायकों के मानदेय में बढ़ोतरी, सेवा को स्थायी करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को भी बड़ी संख्या में पंचायत सहायक धरना-प्रदर्शन पर डटे रहे। आंदोलनकारियों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर लगातार जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय को बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई है।
पंचायत सहायकों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए नगीना सांसद एवं आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ईको गार्डन पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। बताया गया कि चंद्रशेखर आजाद देर रात तक प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए भरोसा दिलाया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर चल रही लड़ाई जीत नहीं ली जाती, तब तक वह उनका साथ नहीं छोड़ेंगे।
चंद्रशेखर आजाद ने पंचायत सहायकों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी गांवों में सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, उनकी आर्थिक स्थिति पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सांसद के सामने अपनी मांगें रखते हुए संविदा व्यवस्था समाप्त करने, सेवा को स्थायी करने, मानदेय बढ़ाने, भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण लागू करने और महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा देने की मांग दोहराई।
इससे पहले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सहित कई नेताओं ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पंचायत सहायकों को समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन कार्य, सरकारी योजनाओं से संबंधित अभिलेख, ग्रामीणों की सहायता और विभागीय सूचनाओं का काम लगातार उनके माध्यम से कराया जाता है, लेकिन उन्हें पर्याप्त मानदेय और नौकरी की सुरक्षा नहीं दी जा रही है।
पंचायत सहायकों का धरना सात सितंबर से जारी बताया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। चंद्रशेखर आजाद के देर रात तक आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहने और समर्थन का भरोसा देने से प्रदर्शनकारियों में उत्साह बढ़ा है। अब देखना होगा कि सरकार इस आंदोलन को समाप्त कराने के लिए क्या कदम उठाती है।
रिपोर्ट: जन चेतना एक्सप्रेस
0 टिप्पणियाँ