लखनऊ की प्रेस वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक सरकारी प्रेस वार्ता का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम स्थल से बाहर जाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक महिला पत्रकार मुख्यमंत्री से सवाल का जवाब देने का आग्रह करती नजर आती हैं। पत्रकार की आवाज में मुख्यमंत्री से रुककर जवाब देने की अपील सुनाई देती है, लेकिन मुख्यमंत्री बिना उत्तर दिए आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि प्रेस वार्ता के दौरान महिला पत्रकार मुख्यमंत्री से किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर सवाल पूछना चाहती थीं। इसी बीच मुख्यमंत्री के उठकर चले जाने का दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में महिला पत्रकार को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मुख्यमंत्री जी, सवाल का जवाब देते जाइए। हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी पृष्ठभूमि और सवाल का विषय स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में घटना को लेकर अलग-अलग दावे सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं।
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सवालों और सरकार की जवाबदेही को लेकर तंज कसा। अखिलेश यादव का कहना है कि यदि किसी कार्यक्रम में पत्रकारों को सवाल पूछने का अवसर नहीं दिया जाता और केवल सरकार की ओर से बयान जारी किया जाता है, तो ऐसी प्रेस वार्ता का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर देना चाहिए।
सपा प्रमुख के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार को जनता और मीडिया के सवालों का सामना करना चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से इस घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
वायरल वीडियो ने एक बार फिर प्रेस की स्वतंत्रता, पत्रकारों के अधिकार और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रेस वार्ता का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच संवाद स्थापित करना माना जाता है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पत्रकारों को बिना किसी बाधा के सवाल पूछने और सरकार को उनका जवाब देने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए?
फिलहाल, वीडियो की सत्यता, उसकी पूरी परिस्थिति और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जाने के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। लेकिन इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी को जरूर तेज कर दिया है।
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