बड़ी खबर : विश्व तीरंदाजी में भारत का परचम, धीरज बोम्मादेवरा ने रचा इतिहास।

विश्व कप फाइनल में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बने धीरज।
नई दिल्ली। भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी विश्व कप फाइनल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। मेक्सिको के सल्टिलो में आयोजित फाइनल मुकाबले में धीरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
फाइनल मुकाबले में दोनों तीरंदाजों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। पांच सेटों के बाद स्कोर 5-5 से बराबर रहा, जिसके बाद मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंचा। निर्णायक क्षण में धीरज ने 10 अंक हासिल किए, जबकि उनके जापानी प्रतिद्वंद्वी 9 अंक ही बना सके। इस तरह धीरज ने मुकाबला 6-5 से अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ धीरज बोम्मादेवरा विश्व कप फाइनल में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बन गए हैं। वह विश्व कप फाइनल में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय तीरंदाज हैं। इससे पहले 2007 में महिला रिकर्व वर्ग में डोला बनर्जी ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
धीरज की इस सफलता ने भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी में नया इतिहास लिख दिया है। वर्ष 2010 में जयंत तालुकदार के कांस्य पदक जीतने के बाद विश्व कप फाइनल में भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज का यह सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
भारतीय सेना में तैनात धीरज ने वर्ष 2026 में अंताल्या विश्व कप चरण में भी स्वर्ण पदक जीता था। उनके शानदार प्रदर्शन के चलते उन्होंने विश्व कप फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। उनकी ऐतिहासिक जीत पर देशभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ