सपा के गढ़ में AIMIM प्रमुख ने भाजपा और प्रदेश सरकार को घेरा, युवाओं के नेतृत्व, बुनकरों की समस्याओं और मतदाता सूची पुनरीक्षण का मुद्दा उठाया…!
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी का मजबूत राजनीतिक केंद्र माने जाने वाले आजमगढ़ में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा ने जिले के सियासी माहौल को चर्चा में ला दिया। निजामाबाद तहसील क्षेत्र में आजमगढ़-वाराणसी हाईवे पर लहरिया पुरवा स्थित जायका दरबार ढाबे के पीछे आयोजित सभा में ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी, युवाओं के नेतृत्व, कानून-व्यवस्था और स्थानीय रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
राजनीतिक हिस्सेदारी और स्वतंत्र नेतृत्व पर जोर-
जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम समाज को अपने अधिकारों के लिए राजनीतिक रूप से जागरूक और संगठित होने की जरूरत है। उन्होंने जोर दिया कि समाज की भूमिका केवल चुनाव के दौरान समर्थन देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राजनीतिक निर्णयों और नेतृत्व में भी उसकी भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए छात्रों और युवाओं के खिलाफ कथित कार्रवाई तथा मुस्लिम समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाने के आरोपों का मुद्दा उठाया। प्रदेश में एनकाउंटर की कार्रवाई और एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव और PDA की राजनीति पर सवाल-
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने सपा को राजनीतिक मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी और उससे जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने PDA की राजनीति का जिक्र करते हुए मुस्लिम समाज से अपने स्वतंत्र नेतृत्व और प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की अपील की। उनके संबोधन को आजमगढ़ में AIMIM की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
बुनकरों, रोजगार और SIR का मुद्दा उठा-
सभा में ओवैसी ने मुबारकपुर के बुनकरों और साड़ी उद्योग से जुड़े लोगों की समस्याओं का भी जिक्र किया। बनारसी साड़ी पर जीएसटी और कारोबार से जुड़ी चुनौतियों को उठाते हुए उन्होंने रोजगार तथा आर्थिक परेशानियों पर राजनीतिक स्तर पर ध्यान देने की जरूरत बताई।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसके साथ ही युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का आह्वान किया।
योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ने की चुनौती-
अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ने की चुनौती देकर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया। उन्होंने मुस्लिम समाज के संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और प्रतिनिधित्व की बात करते हुए कहा कि समुदाय को अपनी राजनीतिक आवाज मजबूत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम भारत के नागरिक हैं और अपने देश से प्रेम करते हैं।
जनसभा के दौरान ओवैसी ने समर्थकों से मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाने की अपील की। इस दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
आजमगढ़ की राजनीति पर कितना पड़ेगा असर?
आजमगढ़ लंबे समय से समाजवादी पार्टी के प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है। ऐसे में ओवैसी की इस सभा को आगामी चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि माना जा रहा है। भाजपा और सपा पर निशाना साधते हुए AIMIM प्रमुख ने मुस्लिम राजनीतिक हिस्सेदारी, युवा नेतृत्व और स्थानीय आर्थिक समस्याओं को केंद्र में रखा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जनसभा के जरिए AIMIM जिले में अपना संगठन और जनाधार कितना मजबूत कर पाती है तथा इसका आगामी चुनावी समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ता है।
0 टिप्पणियाँ