आजमगढ़: शिक्षकों की मांगों पर सरकार गंभीर नहीं, जिलाधिकारी को सौंपा 31 सूत्री ज्ञापन!

पुरानी पेंशन, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष और वेतन संबंधी मांगों को लेकर लामबंद हुए विश्वविद्यालय के शिक्षक!
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज, चुनाव में शिक्षक अपनी ताकत दिखाएंगे : डॉ. दिनेश कुमार सिंह
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ (फुपुक्टा) के आह्वान पर उच्च शिक्षा के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार से काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों ने अगले चरण में विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के नेतृत्व में जिलाधिकारी आजमगढ़ के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 31 सूत्री ज्ञापन सौंपा। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की कई जायज मांगें वर्षों से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उन पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है। इनमें पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करना, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करना, पीएचडी इंक्रीमेंट, पारिश्रमिक दरों में वृद्धि तथा अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान के दायरे में शामिल करना प्रमुख मांगें हैं। इसके अलावा नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर प्रणाली जारी रखते हुए मुख्य परीक्षा वर्ष में केवल एक बार कराने की मांग भी उठाई गई है।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की मांगों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर आगामी चुनावों में अपनी ताकत का एहसास भी कराएंगे। संघ के महामंत्री डॉ. जर्रार अहमद ने कहा कि शिक्षकों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं और सरकार को बिना अनावश्यक देरी के इन पर निर्णय लेना चाहिए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी उपेक्षा वास्तव में राष्ट्र की उपेक्षा है। वहीं संयुक्त मंत्री डॉ. अजय सोनकर ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनकी कार्यक्षमता और समाज की रचनात्मक शक्ति प्रभावित हो सकती है। महिला संयुक्त मंत्री डॉ. रूबी अहमद ने भी शिक्षकों की मांगों को बिना शर्त स्वीकार करने की आवश्यकता जताई।
कार्यालय मंत्री गौरव कुमार सिंह ने कहा कि सरकार को शिक्षकों को आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आने देनी चाहिए और उनकी जायज मांगों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय लेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक संघों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ